इसे कहते हैं कुर्सी की ताकत। आपके विचार मोदी और थरूर के बारे में भिन्न हो सकते हैं लेकिन ये बात तो तय है की थरूर ने ये तो दुनिया को जता ही दिया कि जो आदमी सरकार में हो उससे पंगा मत लो। चलो भैया, मोदी के पास तो पैसा भी है, आम आदमी का क्या? आज भारत का हर आम आदमी ये समझ ले कि जो कुर्सी पर बैठा हो उससे कुछ मत बोलो वरना अंजाम बुरा होगा।
haan....tasveer toh kuch aisi hi dikh rahi hai. sahi-galat toh baad ki baat rahi,filhaal toh raajneeti ke charitra ka accha darshan ho raha hai.
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