बुधवार, 18 जनवरी 2012

अकबर तो मुसलमान होता है!

अकबर तो मुसलमान होता है......
चौंकिए मत दोस्तों। मैं सांप्रदायिक नहीं हो गया हूं। ये शब्द मुझसे एक चाय बनाने वाले बच्चे ने कहे। भाड़ में जाए हमारा ये समाज और हमारी ये व्यवस्था जो एक बच्चे को कुछ ऐसा सिखाती है और भारत में सर्व धर्म समभाव की मिसाल कहे जाने वाले अकबर के नाम को केवल एक धर्म के साथ जोड़ दिया जाता है।
दरअसल, रात के समय जब तक काम खत्म होता है तब तक आफिस की कैंटीन बंद हो जाती है। और भूख लगने पर आफिस के बाहर के ढाबों पर परांठे और मैगी खाकर काम चलाना पड़ता है। इसी क्रम में आज रात भी लगभग 10 बजे में और मेरे एक पत्रकार मित्र कुछ खाने के लिये बाहर निकले। ढाबों पर देखा कि कॉल सेंटर में काम करने वालों की भीड़ लगी हुई थी। मैंने भी खाने के लिये आर्डर दे दिया। तब ढाबे के मालिक ने अपने लगभग 14 साल के बच्चे को काम पर लगा दिया। काफी देर हुई जब मेरा आर्डर नहीं आया तो मैंने जाकर देखा कि वो बच्चा मेरा ही परांठा बना रहा था। मैंने मजाकिया लहजे में प्यार से बच्चे से पूछा बेटा! क्या बीरबल की खिचड़ी पका रहे हो...। बच्चे ने मेरी तरफ देखा और बोला...अंकल , ये बीरबल की खिचड़ी क्या होती है? मैंने सोचा चलो आज इस बच्चे को ही कहानी सुना देते हैं। मैंने कहा बेटा, बीरबल अकरबर का एक मंत्री हुआ करता था। मैंने पूछा अकबर को जानते हो???? और वो बोला-    अकबर तो मुसलमान होता है।

मैंने बच्चे को तो समझा दिया कि अकबर का मतलब मुसलमान नहीं होता और ये भी बताया कि अकबर कौन था। लेकिन मन में कई उलझनें सी उठने लगीं। मैंने हमेशा की तरह उस बच्चे के पिता को बच्चों को पढ़ाने पर लंबा लैक्चर दे दिया और इतिश्री कर ली। बच्चे के पिता ने भी एक कान से बात सुन के दूसरे कान से निकाल दी। फिर भी मन शांत नहीं हुआ तो सोचा आप लोगों के साथ कुछ बातें कही जाएं तब शायद मन को ठंडक पहुंचे।

सवाल ये नहीं है कि बच्चा अकबर से अनजान था। सवाल ये है कि लगभग 14 साल की उम्र में भी बच्चा अकबर को क्यों नहीं जानता। और चलिए अकबर को भी छोड़िए, बच्चा स्कूल ही जा रहा होता तो कुछ तो जानता???
सरकार की सारी योजनाओं का पैसा जाता है नेता और अफसरों की जेब में लेकिन मंत्री जी कहते नहीं थकते कि शिक्षा का अधिकार लागू कर दिया गया। आखिर क्यों हम कुछ नहीं करते??? कब तक इस व्यवस्था पर भरोसा करते हुए कुछ होने का इंतजार करते रहेंगे। क्या हमारा भविष्य यही है जो सड़कों पर खड़ा परांठे बेचता हुआ बोले कि अकबर तो मुसलमान होता है।

एक बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ
आपके विचार सहर्ष आमंत्रित  हैं।